Saturday, November 26, 2022
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इंतज़ार शायरी इन हिंदी | Shayari on Waiting

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 कौन कहता है इश्क़ मे बस इकरार होता है कौन कहता है इश्क़ मे बस इनकार होता है, तन्हाई को तुम बेबसी का नाम ना दो, क्यूंकी इश्क़ का दूसरा नाम ही इंतेज़ार होता है     ..

 

    
 इस नज़र को तेरा इंतेज़ार रहता है दिल तुमसे मिलने को बेक़रार होता है तुम हमसे मिलो ना मिलो फिर भी इस दिल मैं तेरी दोस्ती का प्यार रहता है   .

 

      


 बदलना आता नही हमको मौसमो की तरह, हर एक रूप में तेरा इंतजार करते है, ना तुम समेत सकोगी जिसे क़यामत, कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है. 

 

 अपने जज़्बात दफ़न किए बैठे हैं. दिल के अरमान छुपाए बैठे हैं. थक गये हैं अपनी इस ज़िंदगी से. अब मौत का इंतेज़ार किए बैठे हैं. 

 


 नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना, क्या बतायें इस दिल का आलम, नसीब में लिखा है इंतेज़ार करना. 
 किसे यक़ीन कि तुम देखने को आओगे अख़ीर वक़्त मगर इंतिज़ार और सही… 

 


 तेरे आने की क्या उमीद मगर कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं… 

 


 मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर सफ़र सफ़र है मेरा इंतिज़ार मत करना… 

 


है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम मैं ये क्यूँ पूछूँ कब मिलेंगे आप… 

 


 मेरे पास क्या कुछ नहीं और एक मुस्तक़िल इंतिज़ार और आँसू    .

 

    बे-वजह इंतिज़ार दिखाने से फ़ाएदा कह दीजिए कि सामने आया न जाएगा .

 


 है इंतिज़ार उसे भी तुम्हारी खुश्बू का हवा गली में बहुत देर से रुकी हुई है .       

 

 हो चली ख़त्म इंतिज़ार में उम्र कोई आता नज़र नहीं आता ..

 

 होश ओ ख़िरद गँवा के तिरे इंतिज़ार में गुम कर दिया है ख़ुद को ग़मों के ग़ुबार में       
 मे इंतेज़ार मे हूँ की कब टूटेगी तेरी खामोशी तुम इंतेज़ार मे हो की नही देख मेरी खामोशी दर्द उठता है दिल मे सुरलहर की तरह मे किस तरह बयान करूँ रोटी हुई खामोशी ..

 


  कौन कहता है इश्क़ मे बस इकरार होता है, कौन कहता है इश्क़ मे बस इनकार होता है, तन्हाई को तुम बेबसी का नाम ना दो, क्यूंकी इश्क़ का दूसरा नाम ही इंतेज़ार होता है. 

 


 जान से भी ज़्यादा उन्हे प्यार किया करते थे, याद उन्हे दिन रत किया करते थे, अब उन राहो से गुज़रा नही जाता, जहा बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे.!

 


 कत्मे अदम से उनका हमें इन्तिज़ार है ! लगता है हर दियार, उन्ही का दियार है !! हारे हैं बार-बार बुला कर तुम्हें, सनम ! अब आ भी जाइये, कि, जिगर बेक़रार है !!

 


 कौन है यहाँ जो अब मुझपे एतबार करता है मेरा अक्स मुझे पहचानने से इनकार करता है खंजर लिए हाथों में खड़ा है दर्द मेरा वो मेरे क़त्ल के लिए मेरा इंतेज़ार करता है..

 


 एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर, एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर, पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है, जो आए तुम्हे साथ लेकर..!! 

 


 इश्क़ किया तुझसे, मेरे ऐतबार की हद थी, इश्क़ में दे दी जान, मेरे प्यार की हद थी, मरने के बाद भी खुली थी आँखें, यह मेरे इंतेज़ार की हद थी    तेरे इंतज़ार का ये आलम है, तड़प्ता है दिल आखें भी नम है, तेरी आरज़ू में जी रहे है, वरना जीने की ख्वाहिश कम है   

 किसी के दीदार को तरसता है किसी के इंतेज़ार मे तडपता है ये दिल भी अजीब चीज़ है जो होता है खुद का मगर किसी और के लिए धड़कता है . अब हमसे इंतेज़ार नही होता इतना महेंगा तो किसी का प्यार नही होता हम जिसके लिए हुए रुसवा ज़माने मे वो अब बात करने को भी तैयार नही होता   

 चाहत पर अब एतबार ना रहा, खुशी क्या है यह एहसास ना रहा, देखा है इन आँखोने टूटे सपनो को, इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा 

 

 कोई वादा नही फिर भी तेरा इंतेज़ार है जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार है तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही मुझसे मिलने के लिए तू भी बेकरार है   
 इंतज़ार हमारा करे कोई मंजिल हमारी बने कोई , दिल की यह आरजू है छोटी दिल में आके रहे कोई।  इंतजार उसका जिसके आने की कोई आस हो, खुश्बू भी उस फूल की जो मेरे पास हो, मंज़िल ना मिल सकी हमे तो कोई बात नही, गम भी उसी शख्स का होता है जिसे प्यार का एहसास हो. 

 

 तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार अचानक वो मेरे करीब आ गई         

 

 सुबह का इंतेज़ार था, फिर शाम तक मुझे रुकना था आएगी इस शाम भी मैने खुद को समझाया यही सुबह से लेकर शाम तक एक पल चैन पाया नही जिसका इंतेज़ार था, उस शाम वो आया नही 
 नज़रें मेरी कहीं तक ना जायें, बेवफा तेरा इंतेज़ार करते करते, यह जान यूँ ही निकल ना जाए, तुम से इश्क़ का इज़हार करते करते   

 

 फ़ासले मिटा कर आपस मैं प्यार रखना,. दोस्ती का ये रिश्ता हमेशा बरकरार रखना, बिछड़ जाए कभी आपसे हम, आँखों मैं हमेशा हमारा इंतज़ार रखना   
 बहुत हो चुका इंतेज़ार उनका, अब और ज़ख़्म सहे जाते नही, क्या बयान करें उनके सितम को, दर्द उनके कहे जाते नही   

 

 कुछ पल हमारे साथ रह के तुम्हे लौट जाना था हर बार, जाते हुए तुम्हारा मूड मूड के हमें देखना अच्छा लगा, सालों के बाद मिला तुमसे आज मगर बस कुछ लम्हो के लिए, उस इंतेज़ार के बाद तुमसे मिलना हमें बहुत अच्छा लगा. 

 


 साँसों मे मेरे कुछ अजीब सी कशिश है आज जाना, शायद ये तुम्हारे साँसों को महसूस कर रहा है, आँखें मेरी तुम्हारी राहों पे आके थम गयी हैं, और ये दिल, तुम्हारे आने का इंतेज़ार कर रहा है.

 


 तन्हैइिओं मे उनको ही याद करते हैं वो सलामत रहे यही फरियाद करते है, हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते है उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते है .

 



 आई मिलन की बेला है नही होता है अब इंतज़ार तेरी उलझी ज़ुल्फोन को ले आज दूं मैं संवार 
 ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो हर रात की नई सुबा का इंतजार करो वो पल भी आएगा, जिसका आपको इंतजार है बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करना 


 आदत बदल दू कैसे तेरे इंतेज़ार की ये बात अब नही है मेरे इकतियार की देखा भी नही तुझ को फिर भी याद करते है बस ऐसी ही खुश्बू है दिल मे तेरे प्यार की  .

 

 

 

 

 

 

 

 

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