Thursday, August 11, 2022
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बेवफा शायरी | Bewafa Shayari In Hindi

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वो हमसफ़र कैसे थे जो सफ़र छोड़ गये, बिना कसूर प्यार का रिश्तां तोड़ गये, वो कभी हमे याद करते नही, और खुद की याद मे हमको तड़पता छोड़ गये.

 

 

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे! किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे! हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला! हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे!

 

कभी किसी मुसाफिर से प्यार ना करना उनका ठिकाना बोहत दूर होता हैं वो कभी बेवफा तो नही होते, मगर उनका जाना ज़रूर होता हैं.

 

चाहते थे जिन्हे उनका दिल बदल गया समन्दर तो वही गहरा हे पर साहिल बदल गया कतल ऐसा हुआ किस्तो मे मेरा, कभी बदला खंजर तो कभी कातिल बदल गया.करके वादा प्यार का वो मुकर गया, एक छोटे से तूफान से वो कितना दूर चला गया, हमे नही पता ये कैसी मजबूरी थी उनकी, या फिर इस प्यारे खिलोने से दिल भर गया.किसी बेवफा ने मेरे दिल को तोड़ दिया, इसलिए हमने रास्ता मोड़ लिया, दिल की बात मत करना दोस्त, हमने तो प्यार करना ही छोड दिया.

 

तेरी बेवफ़ाई की हमे कोई फरियाद नही, क्या हुआ जो तू मुझे मिली नही, फिर भी हमारी यही दुआ है की, प्यार में, जो दर्द मिला है हमे, वो तुमको मिले नही.कुछ पीते है नशा छाड़ाने के लिए कुछ पीते है गुम भुलाने के लिए  जाने क्यूँ दुनिया कहती है शराब को बुरा शराबी तो पिता है मुस्कुराने के लिए. 🙂

 


वो कितने बदल गये हे हालात की तरह, जब भी मिले वो हमे मुलाकात की तरह. हम भी क्या किसी के हुस्न का सौदा करते, ये ज़िंदगी भी मिली हे तो खैरत की तरह.मिलना इत्तिफाक था, बिछड़ना नसीब था; वो उतना ही दूर चला गया जितना वो करीब था; हम उसको देखने क लिए तरसते रहे; जिस शख्स की हथेली पे हमारा नसीब था। साए ने साथ छोड़ दिया यार ने दिल तोड़ दिया,    अब तो खुदा भी मेरे खिलाफ हो गया,    जो प्यार का चिराग जलाया था मैने,    उसी चिराग से जलकर मैं खाक हो गया 
किसी आशिक़ ने क्या खूब कहा है. खामोशी को इकतियार कर लेना. अपने दिल को बेकरार कर लेना. ज़िंदगी का असली दर्द लेना हो तो किसी से बेपनाह प्यार कर लेना.

 


वापस ले लो वो सारी यादे, तड़प और आंसु, जुर्म कोई नही हे मेरा तो फिर ये सज़ा कैसी ?

 

समजते थे हम उनकी हर एक बात को, वो हर बार हमसे धोका देते थे, पर हम भी वक़्त के हातो मजबूर थे, जो हर बार उनको मौका देते थे.

 


दिल के दरिया मे ल़हेरो को उठाया ना करो, सपना बनके नींद चुराया ना करो, बहोत दर्द होता हे हमको यहा, आप सपना बनके हमे तडपाया न करो.

 

दिल टूटा तो एक आवाज आई! चीर के देखा तो कुछ चीज निकल आई! सोचा क्या होगा इस खली दिल में! लहू से धो कर देखा, तो तेरी तस्वीर निकल आई! 

 

पलकों में आँसू और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता रोने वाला किस कदर रोया है, ये तो बस वोही जान सकता है, मेरी तन्हाई का आलम, जिसने ज़िंदगी में, किसी को पाने से पहले खोया हो..

 

ज़िंदगी के दर्द मे कोई अजनबी हमारा नही होता, अगर दिल प्यासा हो तो पानी से गुज़ारा नही होता. जब भी कोई देखे हमारी ये बेबसी, हम सबके हो जाते हे दुनिया मे, पर कोई हमारा नही होता.

 

जिनकी हसरत थी उनका प्यार ना मिला, जिनका बरसो इंतेज़ार किया उनका साथ ना मिला, अजीब खेल होते हे ये मोहब्बत के, किसी को हम ना मिले और कोई हमे ना मिला.

 


किसी एक को दिल मे बसाना बुरा तो नही हे, किसी को दिल मे बसाना कोई ख़ता तो नही हे. अगर ज़माने की नज़र मे ये गुनाह हे तो, ज़माने वाले भी एक इंसान हे कोई खुदा तो नही. 

 


 मौत चाहते हे तो ज़िंदगी नाराज़ हो जाती हे, ज़हेर लेना चाहे तो वो दावा बन जाता हे, अब तू बता दोस्त हम क्या करे, जिनको भी चाहे वो बेवफा हो जाते हे. 

 

 हर दिन हर पल मेरी साँसे ख़तम हो रही हे, मेरा जीवन मौत की दहलीज़ पे सो रहा हे, वो बेवफा से जाके मत पूछो मेरी मौत की वजह, वो तो सिर्फ़ दुनियावालो को दिखाने के लिए रो रही हे.   

 

 


 जब मजबूरी मे कोई जुदा होता हे, तब ज़रूरी नही की वो बेवफा होता हे, आपकी आँखो मे आँसू ओ को देखकर, चुप के से वो कही तुमसे ज़्यादा रोता हे.

 


 हँसी कि राह् में गम मिलें तो क्या करे, वफ़ा के नाम पर बेवफ़ा मिलें तो क्या करे. कैसे बचे ज़िंदगी में धोके बाजो से, कोई हँस के धोखा दे तो हम क्या करे.

 

 मोहब्बत करके देखि तो मोहब्बत को पहचान लिया, वफ़ा सिर्फ नाम कि बात हे ये सिर्फ बेवफाई का फ़साना हे.

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